जयचंद कुमार कुशवाहा की रिपोर्ट
दिल्ली/जयपुर, राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि एक ओर जहाँ कोरोना महामारी लोगों की साँसे छीन रही है, वहीं दूसरी ओर एम्बुलेंसकर्मी रोगियों से मोटा किराया वसूल रहें हैं, लेकिन राज्य सरकार उनके खिलाऊ कोई कार्रवाई नहीं कर रही।
श्री राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को आज पत्र लिखकर कहा कि एम्बुलेंस किराया नीति से ज़्यादा किराया वसूल करने वाले एम्बुलेंस मालिकों के खिलाफ राज्य सरकार सख़्ती से कार्रवाई करके उनके वाहन ज़ब्त करे। उन्होंने राज्य सरकार को सुझाव भी दिया है कि जिस तरह से ऑटो रिक्शा में मीटर लगे होते है, उसी तरह एम्बुलेंस में भी मीटर अनिवार्य कर दिये जाने चाहिये, जिससे कि एम्बुलेंसकर्मी रोगियों के परिजनों से मनमाना पैसा वसूल न कर सके। श्री राठौड़ ने कहा कि इससे बड़ी दुर्भाग्य की क्या बात होगी कि राज्य सरकार ने एम्बुलेंस किराए की नीति लागू कर रखी है।
सरकारी दरों के अनुसार पहले 10 किमी के लिए 500 रुपये (आना-जाना सम्मलित) तथा 10 किमी के पश्चात् वाहनों के अनुकूल तीन श्रेणियों के अनुसार 12.50 रुपये, 14.50 रुपये और 17.50 रुपये प्रति किमी की दरें निर्धारित है, लेकिन एम्बुलेंस सेवा प्रदाता कंपनियों ने राज्य सरकार द्वारा निर्धारित दरों को सूचीबद्ध नहीं करके मरीजों की विवशता का फायदा उठाते हुए मोटी रकम वसूल रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में जितनी भी एम्बुलेंस चल रही हैं उनमें से अधिकतर रिण पर हैं जिन्हें व्यवसाय के साथ ही मानवीय सेवा को ध्यान में रख कर ही वित्तीय संस्थानों ने ऋण दिया है।
इसके बावजूद कोरोना आपदा को अवसर मान कर ये लोग अपने परिजनो को ज़िंदा रखने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों को लूटने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी एम्बुलेंसो के लाइसेंस रद्द करने के साथ ही उनके मालिकों के खिलाफ मुकदमें भी दर्ज करना चाहिए।
