![]() |
| ऑल इंडिया सीमांचल जन विकास परिषद राष्ट्रीय अध्यक्ष : मिनहाज अहमद कासमी |
अरविंद पासवान, पटना /अररिया
ऑल इंडिया सीमांचल जन विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिन्हाज अहमद कासमी ने कहा के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सार्वजनिक रूप से बताए के कोरोना से मरने वालों की सही संख्या कितनी है कोरोना काल में जो मृत्यु दर सरकारी आंकड़े के माध्यम से दिखाई जा रही है वह विश्वसनीय नहीं है बिहार के लोगों का कहना है के सरकारी आंकड़े से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है बिहार के सरकारी स्वास्थ्य विभाग की लचर स्थिति और प्राइवेट अस्पताल में लूट के कारण अस्पताल तक पहुंचते-पहुंचते हजारों की संख्या में लोग मर गए और आज भी मर रहे हैं बहुत सारे कोरोना पॉजिटिव मरीज टेस्ट कराने के बाद उन्हें होम आइसोलेट कर दिया गया और उनकी घर में ही मृत्यु हो गई कोरोनावायरस से मरने वालों को बिहार सरकार के घोषणा के अनुसार ₹4 लाख मिलता है प्रतिदिन बिहार सरकार जो मरने वालों का आंकड़ा दिखा रही है उस से 20 गुना ज्यादा लोगों की मृत्यु हो रही है क्या 4 लाख और अंतिम संस्कार के पैसा बचाने के लिए मरने वालों के सही आंकड़े छुपाए जा रहे है पूरा बिहार जानता है सरकारी हो या गैर सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्ट कराने के बाद अस्पताल नहीं गय के अस्पताल मैं सही इलाज नहीं हो पाएगा ऐसे लोग घरेलू उपचार या झोलाछाप डॉक्टर का दवा खाते खाते मर गए उनके घर वाले और गांव वालों ने लाश का अंतिम संस्कार कर दिया बहुत सारे ऐसे लोग भी हैं जिनके अंदर कोरोना का लक्षण था इसकी जानकारी मिलते ही भयभीत होने के कारण शुगर लेवल हाई हो गया ब्लड प्रेशर बढ़ने के कारण हृदयाघात से मृत्यु हो गई सरकारी महकमा को इसकी सारी जानकारी है कोरोनावायरस के कारण कितने लोगों की मृत्यु हुई है बिहार के मुख्यमंत्री को चाहिए के पूरे बिहार के शहरी और दूरदराज के गांव से इस बीमारी के कारण मरने वालों की संख्या जो मिली है उसे सार्वजनिक किया जाए कासमी ने कहा हमारी संस्था ऑल इंडिया सीमांचल जन विकास परिषद यह भी मांग करती है के पूरे बिहार में जो हेल्थ इंश्योरेंस का ऑफिस चल रहा है या ऑनलाइन लोगों ने हेल्थ इंश्योरेंस कराया है कोविड-19 के इलाज में कितने लोगों को यह प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां इलाज पर पैसा खर्च किया है जिन लोगों ने हेल्थ इंश्योरेंस कराया और इलाज के बिना मर गए ऐसे मरने वाले लोगों का बिहार सरकार आंकड़ा एकत्रित कर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों पर प्रतिबंध लगाय और उन पर एफ आई आर दर्ज करें हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों ने पूरे देश की तरह बिहार के भोले भाले जनता से इलाज की सुविधा देने के लिए पैसे ले लिया परंतु इलाज सूचित नहीं किया इलाज कराने के नाम पर बिहार के लाखों लोगों ने कई करोड़ रुपया प्रत्येक साल प्रीमियम के रूप में देती है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी अच्छी तरह जानते हैं के बिहार के बक्सर जिला में गंगा घाट के किनारे सैकड़ों की संख्या मैं पानी में तैरती लाशों का आंकड़ा छुपाया जा रहा है गंगा घाट के किनारे रेत में बहुत सारे लाशों को 2 फीट गड्ढा खोदकर दफन कर दिया गया बाढ़ आते ही वह सब लाशें भी गंगा नदी में प्रवाहित हो जाएगी पूरे बिहार में हर नदी और नहर के किनारे लाश जलाई गई या जमीन में दफन कर दिया गया मुख्यमंत्री मरने वालों का सही आंकड़ा पेश करें और जो गरीब कोरोना संक्रमित होकर मरा है उनके परिवार को चार लाख रुपया सरकार देती है उसके परिवार को अंतिम संस्कार के खर्च के साथ दिया जाए जो सरकारी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज होकर मारा है केवल उसमें से कुछ ही लोगों की सरकारी आंकड़े के अनुसार संख्या बताई जा रही है बाकी लोगों के लाशों को यह कहकर उनके परिवार को दिया जा रहा है के इनकी मृत्यु हृदय गति रुक जाने किडनी के फेल होने शुगर लेवल के हाई होने या टाइफाइड के कारण मृत्यु हो गई है इस प्रकार कोरोना से मरने वालों का सही आंकड़ा छुपाया जा रहा है उन्हीं लोगों का आंकड़ा पेश किया जा रहा है जिन्हें किट में बंद कर एंबुलेंस से स्वास्थ्य विभाग के देखरेख में अस्पताल से सीधे श्मशान घाट ले जाकर जलाया जा रहा है या कब्रिस्तान में दफनाया जा रहा है
