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| फाइल फोटो नोएडा |
नोएडा: भारतीय सेना (Indian Army) की 482 एकड़ ज़मीन में से 161 एकड़ पर भूमाफियाओं (Land Mafia) ने कब्जा कर फार्म हाउस बनाए
फील्ड फायरिंग और बाम्बिंग के लिए तिलपत रेंज सेना की कई बड़ी रेंज में से एक है. सेना (Indian Army) की यह रेंज दादरी, गौतमबुद्ध नगर में आती है, लेकिन भूमाफियाओं की नज़र इस फायरिंग रेंज (Firing Range) पर भी पड़ गई. माफियाओं (Land Mafia) ने रेंज की 161 एकड़ ज़मीन पर अवैध कब्जा कर लिया. इतना ही नहीं वहां फार्म हाउस बनाकर बेच भी दिए गए.
फार्म हाउसों में बड़ी-बड़ी पार्टियां होने लगीं. इसी दौरान रक्षा मंत्रालय (Defence ministry) के रक्षा संपदा विभाग को अपनी ज़मीन की याद आई तो उसकी पैमाइश कराई गई. पैमाइश में जगह कम निकली तो गौतमबुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) प्रशासन ने जांच शुरू कर दी.
डीएम गौतमबुद्ध नगर सुहास एलवाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील के दसतावेजों में से उन 26 लोगों के नाम हटवाए जिन्होंने ज़मीन पर कब्जा किया हुआ था. यह कब्जा बीते 70 साल से चला आ रहा था, लेकिन एक दिन पहले इन सभी अवैध कब्जों को हटाकर तहसील के दस्तावेजों में रक्षा मंत्रालय का नाम चढ़ा दिया गया है.
400 करोड़ रुपये कीमत की है ज़मीन
डीएम सुहास एलवाई के अनुसार, जिस 161 एकड़ ज़मीन को भूमाफियाओं से खाली कराया गया है, उसकी कीमत 400 करोड़ रुपये है. बीते 70 साल से यह लोग इस ज़मीन का इस्तेमाल कर रहे थे. दस्तावेजों के अनुसार 1950 में गांव नंगली, सागपुर में सेना ने 482 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण कर फायरिंग रेंज का निर्माण किया था.
किन्हीं कारणों के चलते अधिग्रहण आदेश का अमलदरामद तहसील के दस्तावेजों में नहीं चढ़ पाया, जिसका फायदा भूमाफियाओं ने उठाया और उस ज़मीन पर अवैध कब्जा कर लिया जहां सेना गोली और बम्ब चलाने की प्रेक्टिस किया करती थी.
